मरने के बाद इलाज नहीं होता

सन 2014 से सरकारी नौकरियां समाप्त होना शुरू की, उस समय लोग समझ न सके | हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का वायदा था लेकिन हुआ उसके उल्टा | सरकार कुछ भी न करती तो भी अच्छा होता लेकिन उसने सरकारी नौकरी एवं शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से निजीकरण शुरू कर दिया | हमने बहुत सोंचा की आखिर में सरकार ऐसा कर क्यों रही है ? वास्तव में पुराने हिन्दू राज पुनर्स्थापना का यह प्रयास है | कहावत है कि ‘ न रहेगा बांस , न बजेगी बांसुरी ’ | जनता की कमाई से बने बीएसएनएल , एयरपोर्ट , एयरइण्डिया, एनटीपीसी, रेलवे, स्टील कम्पनी , आर्डिनेंस ,बैंक आदि रहेंगे ही नहीं तो कहां से भागीदारी ले लेंगे | इसलिए औने- पौने
दाम पर बेंचा जा रहा है ताकि पिछड़ों, दलितों एवं आदिवासियों को शासन – प्रशासन से बाहर कर दिया जाये | देश का संशाधन बनिया , ब्राम्हण के हाथ में पहुँच जाए तो अपने आप पुरानी सामाजिक व्यवस्था लौट जाएगी | इसी तरह से निजी विश्वविद्यालय और कालेज एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं का निजी क्षेत्र में भरमार कर दिया जहाँ आरक्षण है ही नहीं अतः दलित और पिछड़े शिक्षा जगत से भी बाहर निकाल दिए | उपरोक्त समस्याएं किसी व्यक्ति विशेष या संगठन से सम्बन्धित नहीं हैं बल्कि समूचे दलित , पिछड़ा एवं आदिवासी समाज से है | माना कि तमाम लोग अपने स्तर पर इसका विरोध कर रहे हैं लेकिन जब तक बहुत बड़ा
विरोध नही होता तब तक सरकार रुकने वाली नहीं है | 2 अप्रैल 2018 में जब दलितों ने भारत बंद किया तब जाकर सरकार को दोनों मांगें मानने के लिए मजबूर होना पड़ा | नए रोस्टर को ही वापिस नहीं किया बल्कि एससी/ एसटी एक्ट को भी बहाल किया | अनुसूचित जाति , जनजाति , पिछड़ों के संगठनों का परिसंघ ने आह्वान किया है कि 1 दिसम्बर 2019 को रामलीला मैदान , नईदिल्ली में सुबह 11 बजे सभी पहुंचकर ऐसी हालत कर दें कि दिल्ली बंद हो जाए | आपसे अनुरोध है अपने समाज से अपील करें कि भारी संख्या में शामिल हों ताकि आपके सम्बोधन एवं गरिमामयी उपस्थिति का उन्हें भी महसूस हो कि आप जिस  संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं, उसका समाज उत्थान में भूमिका है | व्हाट्सएप नं या फोन नं 9899766443 पर सहयोग और सुझाव के लिए सम्पर्क करें |

नोट – आपसे आग्रह है कि जिस भी रूप में आप रैली को सफल बनाने में सहयोग दे सकते हैं हमें मैसेज करें आपका मैसेज स्वयं डॉ उदित राज पढेंगे और बात भी करेंगे | कई प्रकार के सहयोग दिए जा सकते हैं जैसे कि कितनी संख्या में रैली में आप उपस्थित होंगे या रैली के तयारी हेतु कोई बैठक करा

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