डॉ0 उदित राज ने संसद में उठाया दलित छात्रों की छात्रवृत्ति का मुद्दा



डॉ0 उदित राज, सांसद, उत्तर पश्चिम दिल्ली, ने आज शून्यकाल के दौरान संसद में दलित छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में आने वाली समस्याओं का मुद्दा संसद में उठाया। उन्होंने कहा कि दलित छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। अनुसूचित जाति एवं जन जाति के उन छात्रों को यह सुविधा मिलती है जिनके परिवार की कुल वार्षिक आय 2 लाख रूपये से कम है, जबकि अन्य पिछड़े वर्ग को 6 लाख से कम वार्षिक आय वालों को छात्रवृत्ति मिलती है। इसी तरह से अजा/जजा वर्ग की भी वार्षिक आय सीमा छात्रवृत्ति देने के लिए बढ़ायी जानी चाहिए। केन्द्र सरकार द्वारा जो राशि जारी की जाती है प्रायः राज्य सरकारों द्वारा छात्रवृत्ति शिक्षा सत्र की समाप्ति के आस-पास दी जाती है, जिससे छात्रों को पढ़ाई में इसका लाभ नहीं मिल पाता। इस सम्बंध में उन्होंने मांग की है कि छात्र एवं प्रधानाचार्य के संयुक्त खाते में सत्र के शुरूआत में ही छात्रवृत्ति की रकम जमा करवा देनी चाहिए, ताकि सुविधानुसार दोनो के हस्ताक्षर से छात्रवृत्ति निकाली जा सके। 2013-2014 में शिड्यूल्ड कास्ट सब प्लान में जो शिक्षा का बजट था वह खर्च नहीं हो पाया था, उसके कारण 2014-2015 में यूजीसी को केवल 3 प्रतिशत ही पैसा जारी किया गया। उन्होनंे मांग की कि दलितों के लिए आबंटित धनराशि अन्यत्र न खर्च की जाए, इसे इनके विकास के लिए ही खर्च किया जाना चाहिए।

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