उत्तर पश्चिम दिल्ली लोक सभा क्षेत्र का जौंती गांव ‘आदर्श गांव’ के रूप में विकसित किया जाएगा



भव्य रूप से मनाया गया ‘जौंती उत्सव’

नई दिल्ली, 11 अप्रैल, 2015. डॉ. उदित राज, सांसद, उत्तर पश्चिम दिल्ली लोक सभा क्षेत्र ने ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ के अंतर्गत जौंती गांव को गोद लेकर उसे आदर्श गांव के रूप में विकसित करने का फैसला किया है।

डॉ0 उदित राज और उनकी टीम ने गांव वालों के साथ पिछले कुछ सप्ताहों से कई सभाएं की ताकि इस गांव के सर्वांगीण विकास के लिए रूपरेखा तैयार की जा सके। अपनी तरह के एक अनूठे प्रयोग द्वारा डॉ0 उदित राज ने स्मार्ट विलेज से संबंधित कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय विशेषज्ञों से बातचीत की ताकि एक चिरस्थाई, प्रदूषण रहित, प्रगति की योजना बनायी जा सके। डॉ0 उदित राज और उनकी टीम ने जौंती गांव की चरणबद्ध प्रगति की रूपरेखा तैयार की है।

इस अद्भुत रूपरेखा के उद्घाटन के अवसर पर गांव में एकदिवसीय ‘जौंती उत्सव’ आज दिनांक 11 अप्रैल, 2015 को मनाया गया, जिसमें अगल-बगल के गांवों के लोगोें को भी आमंत्रित किया गया। इस उत्सव में कई गैर सरकारी संस्थाओं जैसे - गुड शेफर्ड एवं एराइज इंडिया आदि ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस मुद्दे पर अपना पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।

जौंती गांव को आदर्श गांव चुने जाने पर लोगों में अत्यधिक उत्साह देखने को मिला और यह आशा व्यक्त की गयी कि ‘जौंती उत्सव’ लोगों को इकट्ठा करने में सहायक होगा और संचालन समिति के प्रयास सफल होगें।

जौंती गांव में यह योजना अपने आप में अनूठी है, जिसमें सारे गांव के लिए एक मास्टर प्लान बनाया गया है। जौंती गांव अपने आप में पहला ऐसा गांव होगा, जहां शत्प्रतिशत इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकॉर्ड बनाए जाएंगें। अप्रैल के महीने में ही 4-5 गांव के लोगों को विशेषज्ञों की निगरानी में प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे बाद में घर-घर जाकर संबंधित आकड़े (डाटा) एकत्रित कर सकें। इसी अभियान के दौरान उन लोगों की भी पहचान की जाएगी जिन्हें बैंक खाते खोलने हैं, आधार कार्ड बनवाने हैं या वोटर आई.डी. कार्ड इत्यादि ताकि भविष्य में जो भी योजनाएं बनायीं जाएं उनके अच्छे परिणाम निकलें। इस आधार तैयार डाटा बैंक को एस.एम.एस. सरवर के साथ जोड़ दिया जाएगा ताकि गांव के प्रत्येक व्यक्ति को सही समय पर सूचना मिलती रहे। इन सुविधाओं से गांव वाले न केवल अपने आप मंे सक्षम हो सकेगें, बल्कि उनको इनसे आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलेगी। डॉ0 उदित राज ने इस अवसर पर उपस्थित निजी क्षेत्र की कंपनियों के अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे अपना समय और प्रयास का बढ़चढ़कर योगदान करें। दक्षता प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) का शुभारंभ भी इसी महीने में कर दिया जाएगा।

एक और पहल में, जौंती गांव सबसे पहला गांव होगा जिसकी अपनी वेब पोर्टल होगी। वेबसाइट ूूूण्उमतंरंनदजपण्बवउ का भी विधिवत् उद्घाटन किया गया। इस उत्सव के दौरान जौंती की टीम ने अपना एक मास्कट बना लिया है, जिसका नाम ‘जौन्ती से जौंटी’ ताकि सारे गांव का एक मिशन बन जाए। इस मास्कट का चेहरा युवा एवं आधुनिक है, जो कि आज की युवा पीढ़ी को आकर्षित करता हैं। गांव की 15 वर्षीय बच्ची प्रीति चिकारा ने कहा कि उसे जौंटी एक सुंदर सहयोगी लगता है।

इस अवसर पर बोलते हुए हुए डॉ0 उदित राज जी ने कहा कि मेरा प्रयास रहेगा कि इस गांव का विकास इस तरह से किया जाए, जिससे एक चिरस्थाई मॉडल तैयार हो जिसको आगे चलकर दूसरे गांव में भी अपनाया जा सके। यह प्रगति केवल सड़कों और दूसरी आवश्यक सुविधाओं तक ही सीमित नहीं होगी बल्कि एक ऐसा चिरस्थाई वातावरण बनाया जाएगा जिससे गांव वालों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं प्रशिक्षण की सुविधाएं दी जा सकें ताकि उनको अच्छी नौकरियां मिल सकें, जिससे प्रगति के साथ-साथ लोगों की खुशहाली भी सुनिश्चित की जा सके। हमारा प्रयास होगा कि लोगों में जौंती गांव और अपनी उपलब्धियों के प्रति स्वाभिमान की भावना पैदा की जा सके। डॉ0 उदित राज की टीम ने कहा कि हमें स्थानीय लोगों की भाषा में सोचना चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करना चाहिए। हम एक ऐसी योजना तैयार कर रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र की सांस्कृतिक उपलब्धियों को उभारा जा सके और साथ ही इस गांव का सर्वांगीण विकास किया जा सके, जो कि आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी ध्यान रखें।

संजय गोयल, उपायुक्त, नॉर्थ वेस्ट एवं श्री अनूप ठाकुर - एसडीएम ने भी इस गांव का पिछले कुछ अवसरों पर यहां की आवश्यकताओं का जायजा लेने के लिए दौरा कर चुके हैं। उन्होंने गांव वालों को आश्वासन दिया है कि मौजूदा सरकारी परियाजनाओं को यहां की आवश्यकताओं के हिसाब से परिवर्तित कराकर पूरा लाभ पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।

वास्तविक हल इस बात में है कि स्थानीय लोगों को ऐसी कुशलताओं का प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे वे लोग आज की अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था में प्रभावी ढंग से भाग ले सकें। इसमें छोटे-छोटे उद्योग स्थापित किये जाएगें, जहां पर प्रमाणित तकनीक का प्रयोग किया जाएगा ताकि गांव और छोटे शहरों के लोग अपनी व्यावसायिक समस्याओं का हल ढूढ़ सकें। इस कार्यप्रणाली से कई हजार हल बहुत ही कम व्यय पर निकल सकेगंे और लोगों को बड़ी अच्छी नौकरियां मिल पाएंगीं, जिनका भविष्य में भी बड़े कारगर ढंग से उपयोग हो सकेगा।

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