दिव्यागों के सशक्तिकरण के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन



नई दिल्ली, 11 मार्च, 2016. श्री विजय सांपला, माननीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री, केन्द्र सरकार, द्वारा सांसद डॉ0 उदित राज द्वारा बुद्धा एजुकेशन फाउंडेशन के अंतर्गत आयोजित की जा रही दिव्यांगों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन टेक्नियां इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, मधुबन चौक, राहिणी, दिल्ली-85 पर किया गया। इस कार्यक्रम में दित्यांगों सहित उत्तर पश्चिम लोक सभा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। सांसद डॉ0 उदित राज के अलावा डॉ0 राजीव शर्मा - मेडिकल डायरेकटर, महावीर हास्पिटल, डॉ0 रचना भारद्वाज - सुपरिंटेंडेंट किरन सेंटर, श्री संजना मित्तल - सीनियर कोर्डिनेटर - अष्टावक्रा इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलेशन साइंस एंड रिसर्च, डॉ0 प्रवीन सुमन - सीनियर डॉक्टर, सर गंगाराम हास्पिटल, डॉ0 इमरान नूरानी, सीनियर डॉक्टर, गंगा राम हास्पिटल, डॉ0 अमजद हुसैन - एच.ओ.डी., हियरिंग इंपैरमेंट ए.आई.आर.एस.आर., हरीश कुमार - एच.ओ.डी.डी.वी. ए.आई.आर.एस.आर., डॉ. धीरेन्द्र कुमार - एच.ओ.डी., सी.पी., कार्यक्रम में माजूद रहे।

श्री विजय सांपला जी ने इस अवसर पर उपस्थित दिव्यांगों सहित उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे जानकर बेहद ख़ुशी हुई कि मेरे मित्र एवं भारतीय जनता पार्टी के उत्तर पश्चिमी दिल्ली से लोक सभा सांसद डॉ उदित राज अपने क्षेत्र के विकास और लोगों की खुशहाली के लिए काफी कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। मुझे ज्ञात हुआ है कि अभी कुछ दिन पहले ही डॉ0 उदित राज और बुद्धा एजुकेशन फाउंडेशन ने उत्तर पश्चिमी दिल्ली मैं रहने वाली महिलाओं के लिए कुटीर उद्योग के प्रशिक्षण का कार्य शुरू किया है। मुझे यह जानकर भी अति हर्ष हुआ है की डॉ उदित राज अपने क्षेत्र के स्कूलोँ में शौचालय एवं पीने के पानी का प्रबंध करने का काम तेज़ी से कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आज जिस कार्यक्रम का मैं उद्घाटन करने आपके बीच आया हूँ , इसमें डॉ उदित राज और बुद्धा एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा मिलकर दिव्यांग व्यक्तियों के लिए उनके समस्त प्रकार कि समस्याओं का निदान करने एवं उनके अधिकारों की जानकारी हेतु 3 दिन की कार्यशाला का आयोजन किया गया है। हमारी सरकार हमारे माननीय लोकप्रिय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी के नेतृत्व में दिव्यंगों के कल्याण के लिए काफी कार्यक्रमों की पहल की है। उनहोंने दिव्यंगों में वह कार्यक्षमता देखी है जो आज तक की सरकारों ने नज़र अंदाज़ किया। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने एक्सेसिबल इंडिया नाम के नीति का आरम्भ किया। हमारे प्रधान मंत्री जी के मन और दिल में हमेशा दिव्यंगों के शशक्तिकरण की सोच को अत्यंत महत्व दिया है। दो बार अपने मन की बात में भी देश के सामने उन्होंने इसका उल्लेख किया है कि सरकार को ही नहीं, परन्तु समाज को भी अपना दायित्व बखूबी निभाना होगा। उनकी और मेरी निरंतर यही सोच रही है की हमारा देश किसी भी वर्ग को पीछे छोड़कर आगे नहीं बढ़ सकता। इसीलिए श्री नरेन्द्र भाई मोदी ने विकलांग शब्द की पीडा को महसूस किया और दिव्यांग शब्द का इस्तेमाल करना ही उचित समझा।

सम्बोधित करते हुए डॉ0 उदित राज, सांसद उत्तर-पश्चिम दिल्ली लोक सभा क्षेत्र ने कहा कि पुराने समय में जो लोग विकलांग होते थे, उन्हें समाज में सामान्य दर्जा नहीं दिया जाता था, और उन्हें सभी चीजों से दूर रखा जाता था। विकलांग होना पुराने जन्मों के पापों का प्रायश्चित माना जाता था और उनके साथ घोर भेदभाव किया जाता था। विकलांगता मानव निर्मित ही है और ऐसे व्यक्तियों के साथ कभी भी भेदभाव नहीं होना चाहिए। इस तरह के कार्यक्रमों से ही इस भेद भाव को समाप्त किया जा सकता है। इसलिए उन्होंने माननीय मंत्री जी से अनुरोध किया कि वे अगले वित्त वर्ष में हमारी लोक सक्षा क्षेत्र की सभी दसों विधान सभाओं में इस प्रकार के कार्यक्रम करवाने हेतु व्यवस्था कराएं।

डॉ0 उदित राज जी ने आगे कहा कि विकलांगों की सहायता हेतु केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलायी जा रही हैं। आज शुरू हो रही इस कार्यशाला में विकलांगों के लिए सरकारी प्रावधानों एवं उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। कानूनी जानकारी देने हेतु उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ वकीलों की टीम यहां तीनों दिन उपस्थित रहेगें। मै श्री विजय सांपला, माननीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री का आभार प्रकट करता हूँ, जिन्होंने अपना अनमोल समय इस कार्यक्रम हेतु दिया।

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