सांसद उदित राज ने माज़रा डबास गाँव को सिरमौर करने की ठानी



बाहरी दिल्ली : 20 सितम्बर 2017, उत्तर-पश्चिम दिल्ली सांसद डॉ. उदित राज ने प्रधानमंत्री की योजना “सांसद आदर्श ग्राम योजना” के तहत तीसरे चरण में बवाना विधानसभा के अंतर्गत सलाहपुर माज़रा और बुधनपुर गाँव को गोद लिया | जिन्हें एक नाम “माज़रा डबास” गाँव के नाम से जाना जाता है | यहाँ लगभग 7 हजार की जनसँख्या है | जिसके लिए जिला उत्तर-पश्चिम से लेकर मंत्रालय स्तर तक की पूरी कागज़ी कार्यवाही पूरी की जा चुकी है | इससे पहले दोनों चरणों में क्रमश मुंडका विधानसभा के अंतर्गत जौंती और नरेला विधानसभा के अंतर्गत खामपुर गाँव को गोद लिया था | गाँव के विकास को ध्यान में रखते हुए सांसद डॉ. उदित राज ने खासतौर पहले दोनों गावों की भांति इस गाँव में भी देख-रेख के तौर पर समाज सेविका लहर सेठी को नियुक्त किया गया | वह इन दोनों गांवों के सभी विकास कार्य की देख रेख करेंगी |

सांसद डॉ. उदित राज ने बताया कि मैंने जिस तरह से पहले दोनों गावों जौंती और खामपुर में विकास किया है ठीक उसी प्रकार इस गाँव में भी विकास किया जायेगा और इसे एक आदर्श गाँव बनाया जायेगा | इस गाँव में कुछ मूलभूत सुविधाओं पर तत्काल प्रभाव से ध्यान देने की जरुरत है जैसे कि यहाँ कई घरों में जागरूकता की कमी के चलते शौंचालय नहीं है, गाँव में एक भी ओपन जिम नहीं है, बच्चो के खेलने के लिए पार्क की व्यवस्था नही है जैसी कई कमियाँ हैं | जिन्हें जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास रहेगा | हमारी सरकार हर घर में शौंचालय हो जिसके लिए लगातार काम कर रही है इसलिए इसको प्राथमिकता देते हुए जल्द ही जागरूकता कैम्प लगाकर सभी को अपने अपने घरों में शौंच बनाने के लिए प्रेरित किया जायेगा | इसके अतिरिक्त गाँव में दो नए बहु उद्देश्य समुदाय सेंटर भी खोला जायेगा | जिससे गांववालों को शादी या अन्य किसी भी कार्य्रक्रम हेतु समस्या का सामना न करना पड़े | इसके लिए मैंने जानी मानी समाज सेविका लहर सेठी को जिम्मेदारी दी कि वह इस गाँव की तस्वीर बदलने में मेरा सहयोग करें | वह बेहद प्रतिभावान है और निश्चित ही इस गाँव की तस्वीर जल्द ही बदली हुई दिखाई देगी |

वहीँ सामाजिक कार्यकर्ता लहर सेठी का कहना है कि वह डॉ. उदित राज का धन्यवाद करती है कि उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया गया | मैं पिछले कई वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही हूँ | मैं इंडियन काउन्सिल फॉर ह्यूमन रिलेशन्स और इंडियन काउन्सिल फॉर यूएन रिलेशन्स के साथ भी जुडी हूँ और जहाँ भी अवसर मिलता है गरीबों और वंचितों के लिए काम करती हूँ | मैंने इस गाँव की जिम्मेदारी लेने से इस गाँव के बारे में पहले समझा कि यहाँ पर क्या किया जा सकता है और किन-किन बुनियादी सुविधाओं की कमी है उसके बाद ही इस गाँव के लिए काम करने के लिए निर्णय लिया है | यहाँ के विअक्स हेतु प्लान के तहत काम किया जायेगा | पहले चरण के अंतर्गत यहाँ की आधारभूत समस्याओं को दूर किया जायेगा और उसके पश्चात् अगले स्तर पर विअक्स कार्य किया जायेगा |

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