डॉ. उदित राज ने जनता दरबार एवं पुलिस कमिटी की मीटिंग ली



बाहरी दिल्ली : 8 दिसम्बर 2017, उत्तर-पश्चिम दिल्ली सांसद डॉ. उदित राज ने कल शाम 5:30 बजे नांगलोई विधानसभा में जनता दरबार लगायी | इसमें लगभग 200 से अधिक शिकायतकर्ता शामिल हुए जिसमे से मुख्य रूप से बिजली, पार्कों की साफ़- सफाई और पानी से संबधित शिकायतें लेकर पहुँचे | जनता दरबार में जल बोर्ड, एमसीडी, डीडीए, बिजली, पीडब्ल्यूडी, पुलिस एवं ट्रैफिक विभाग के अधिकारी मौजूद रहे | जनता दरबार का आयोजन लोकेश मुंजाल ने कराया |

डॉ. उदित राज ने जनता दरबार से पहले दोनों जिलों उत्तर-पश्चिम दिल्ली और बाहरी दिल्ली की डिस्ट्रिक्ट लेवल पुलिस कमिटी की मीटिंग भी ली | पुलिस कमिटी मीटिंग स्थानीय सांसद डॉ. उदित राज की अध्यक्षता में विधायक, दोनों जिलों से सम्बंधित डीसीपी, थाने के एसएचओ, एसीपी, एवं कमिटी के सभी मेम्बर्स शामिल हुए | बैठक की शुरुआत डीसीपी के माध्यम से एसीपी द्वारा पिछली मीटिंग में उठाये गए मुद्दों पर पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही से हुई | इस बार की बैठक में अतिक्रमण, जाम और नशे का मुद्दा हावी रहा |

इस दौरान सांसद डॉ. उदित राज ने कहा कि हम सब जनता के सेवक है और जनता ने हमे क्षेत्र का विकास करने के लिए चुना है | मैंने किसी भी विभाग के द्वारा की गयी लापरवाही पर हमेशा कड़ा रुख अपनाया है | यदि हम सबके रहते हुए भी जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो इसके लिए हम सभी जिम्मेदार हैं | मीटिंग में विधायक महेन्दर गोयल और राखी बिड्लान भी शामिल हुए | राखी बिड्लान ने एस ब्लाक पर अतिक्रमण के चलते लगने वाले जाम का मुद्दा उठाया और कहा कि “यहाँ लोकल पुलिस के चलते जाम की समस्या इस कदर बिगड़ चुकी है कि 5 से 10 मिनट का रास्ता तय करने में 1 घंटे से अधिक का समय लग जाता है “इस पर सांसद डॉ. उदित राज ने कहा कि यह बेहद गंभीर मुद्दा है कि इससे पहले की बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा की जा चुकी है इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है | यदि इस बैठक के बाद भी कोई सुधार नही हुआ तो मैं इस समस्या के हल हेतु पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करूँगा और आवश्यकता पड़ी तो उन्हें साथ लेकर मंगोलपुरी और सुल्तानपुरी जैसे इलाकों में दौरा भी करूँगा |

वहीँ जनता दरबार को संबोधित करते हुए डॉ. उदित राज ने कहा कि जनता दरबार लगाने का उद्देश्य दिखावा करना नही है बल्कि इसके माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान उनके द्वार पर आकर उनके सामने अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाता है | यदि जनता दरबार में बुलाने के बावजूद भी कोई अधिकारी शामिल नही होता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्यवाही की जाती है | मैंने खुद महसूस किया हैं कि कुछ समस्याओं का निराकरण तुरंत किया जा सकता है लेकिन कुछ अधिकारी समस्या के निराकरण में दिलचस्पी नही दिखाते है बल्कि उनकी दिलचस्पी जनता को बार -बार दौड़ाने में रहती है | इसलिए उन अधिकारियों पर भी नज़र रखी जा रही है जो जनता का काम करने की बजाय टालते रहते हैं | मैं क्षेत्र में जनता दरबार के अतिरिक्त अपने दफ्तर टी 22, अतुल ग्रोव रोड, जनपथ पर भी जनता दरबार सप्ताह के पांच दिन लगाता हूँ वहां भी अपनी समस्या लेकर पहुँच सकते हैं | मैं जल्द ही बाहरी जिले के मंगोलपुरी, किराड़ी, मुंडका और सुल्तानपुरी में जनता दरबार लगाऊंगा | उसके बारे में जल्द ही सूचित कर दिया जायेगा |

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